CELIOS सर्वेक्षण के नतीजे: सरकार की नीतियों पर

Center of Economic and Law Studies (CELIOS) और Kabinet Bayangan के सर्वेक्षण के नतीजों में राष्ट्रपति Prabowo Subianto और उपराष्ट्रपति Gibran Rakabuming Raka के दो साल के शासनकाल के दौरान जनता द्वारा महसूस किए जा रहे उच्च मनोवैज्ञानिक दबाव को दर्ज किया गया है। 75 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सरकार की नीतियों का सामना करते हुए तनाव महसूस करने की बात कबूली।

CELIOS के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भीमा युधिस्तिरा ने ये निष्कर्ष प्रभोवो-गिबरान के दो साल की रिपोर्ट कार्ड (Rapor 2 Tahun Prabowo-Gibran) के वर्चुअल लॉन्च के दौरान रविवार (11/10/2026) को प्रस्तुत किए। यह रिपोर्ट सोमवार (12/10/2026) को जारी की गई।

"हमने सरकार की नीतियों के प्रति तनाव की भावना के बारे में पूछने की कोशिश की। 1.122 उत्तरदाताओं में से उत्तर यह आया कि 75 प्रतिशत लोग सरकार की नीतियों से तनाव महसूस करते हैं, और विशेष रूप से 67 प्रतिशत Prabowo Subianto के व्यवहार से तनाव महसूस करते हैं," Bhima ने कहा। सर्वेक्षण में विभिन्न प्रांतों के 1.142 आम नागरिक उत्तरदाता और 129 विशेषज्ञ उत्तरदाता शामिल थे, और यह 15 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया गया।

तनाव के ट्रिगर कारक: कर, ज़रूरी खाद्य सामग्री और रोज़गार

CELIOS की प्रस्तुति के अनुसार, उत्तरदाताओं को जो दबाव महसूस हुआ, वह कई वास्तविक समस्याओं से जुड़ा था। जनता के मूल्यांकन के आधार पर तनाव के तीन प्रमुख कारण हैं: आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि, रोजगार पाने में कठिनाई, और कानून व्यवस्था के प्रवर्तन से जुड़ी समस्याएँ।

घरेलू आर्थिक बोझ चर्चा का विषय बना हुआ है। 82 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सरकारी करों और उगाहियों की शिकायत की, जिन्हें वे लगातार अधिक भारी महसूस कर रहे हैं। वहीं, 78 प्रतिशत ने आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को एक ऐसी अत्यावश्यक समस्या माना जिसे सरकार को संभालना चाहिए।

इसका असर यह हुआ कि आधे से अधिक उत्तरदाताओं ने महसूस किया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ी है। 53 प्रतिशत ने कहा कि एक साल पहले की तुलना में उनके घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है, 31 प्रतिशत ने इसे अपरिवर्तित बताया, और 16 प्रतिशत ने इसे सुधरा हुआ महसूस किया।

55% प्रभोवो मतदाता दोबारा मतदान नहीं करेंगे

उसी सर्वे ने आगे चलकर उत्तरदाताओं की राजनीतिक पसंद भी मापी। पिछले 2024 के राष्ट्रपति चुनाव (Pilpres) में प्रबोवो को वोट देने वाले 55 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे 2029 के चुनाव में उन्हें दोबारा वोट नहीं देंगे। वहीं 27 प्रतिशत ने कहा कि वे अब भी प्रबोवो को ही वोट देंगे, जबकि 19 प्रतिशत ने अभी तक अपना पक्ष तय नहीं किया है।

इंडोनेशियाई पाठ का हिंदी अनुवाद: सरकारी कामकाज की रिपोर्ट कार्ड में प्रबोवो और गिभरन के प्रति जनता का आकलन पाँच से नीचे है। 10 में से आम जनता ने प्रबोवो को 4,6 और गिभरन को 4,9 अंक दिए हैं। विशेषज्ञों का आकलन इससे भी कम है, जिसमें प्रबोवो को 2,8 और गिभरन को 2,2 अंक मिले हैं।

ध्यान देने योग्य है कि यह सर्वे उत्तरदाताओं द्वारा महसूस किए गए तनाव की स्वीकृति को मापता है, न कि उनकी मानसिक स्वास्थ्य स्थिति का नैदानिक निदान। इसके परिणाम सर्वे में भाग लेने वालों के उत्तरों को दर्शाते हैं और अपने आप में यह साबित नहीं करते कि पूरा समाज इसी तरह की स्थिति का सामना कर रहा है।