घर की तलाशी ली गई, मोबाइल फोन जब्त किए गए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशासन की ओर से मिनिसोटा की कांग्रेस सदस्या इलहान ओमर के नागरिकता रद्द करने और उन्हें देश निकाला देने का मामला तैयार किया जा रहा है, यह रिपोर्ट है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इसकी रिपोर्ट गुरुवार (15/10/2026) को दी, जो होंडोलैंड सुरक्षा एजेंसी के जांच विभाग (HSI) के कर्मचारियों द्वारा वाशिंगตัน डीसी में ओमर के घर पर सोमवार (12/10/2026) को छापेमारी किए जाने के तीन दिन बाद आई थी। उस छापेमारी में अधिकारियों ने ओमर के मोबाइल फोन, लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर और पासपोर्ट जब्त किए। जब छापेमारी का आदेश लागू किया गया, तो वह अपने पति टिम मिनेट के साथ घर पर मौजूद थीं। जांचकर्ताओं ने ओमर के परिवार के सदस्यों, включая उनकी बहन सहरा नूर, को ग्रैंड ज्युरी सबपोना जारी किए हैं। इस मामले की जांच मिनिसोटा में तैनात संघीय अभियोजक कर रहे हैं।

प्रवास दस्तावेज़ों में उम्र की गलत जानकारी देने के आरोप

तहक़ीकात ओमर के प्रवास दस्तावेज़ों में जानकारी गड़बड़ी की शंका पर केंद्रित है, खासकर उस समय उसकी उम्र से जुड़े मुद्दे पर जब उसे अमेरिकी नागरिकता मिली। ओमर ने हमेशा यह दावा किया था कि 2000 में उसके पिता के प्राकृतिकरण (naturalization) के जरिए वह 17 साल की उम्र में अमेरिकी नागरिक बन गया। हालांकि, कुछ रिकॉर्ड में उसकी जन्म तिथि 4 अक्टूबर 1981 और कुछ अन्य में वर्ष 1982 दर्ज है। यदि 1981 वाला वर्ष सही है, तो ओमर के पिता के प्राकृतिकरण के दौरान वह पर्याप्त वयस्क था, जिसके कारण वह माता-पिता के जरिए स्वचालित रूप से नागरिकता पाने के पात्र नहीं रहा होगा। जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, एचएसआई (HSI) अधिकारियों को बाइडेन प्रशासन के दौर में ही इस शंका के बारे में सूचना मिल गई थी, लेकिन तब पर्याप्त सबूत न होने के कारण इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ओमर के पिता नूर ओमर मोहम्मद का 2020 में कोविड-19 से हुई जटिलताओं के कारण निधन हो गया। ओमर की परिवार 1995 में सोमालिया के गृहयुद्ध से भागते हुए शरणार्थी के रूप में अमेरिका पहुंचा था।

ओमर और ट्रंप की प्रतिक्रिया

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