प्रीक्लेम्पसिया क्या है

प्रीक्लेम्पसिया एक गर्भावस्था संबंधी जटिलता है, जो उच्च रक्तचाप के साथ मूत्र में प्रोटीन (प्रोटीनूरिया) की उपस्थिति से पहचानी जाती है और सामान्यतः गर्भावस्था के 20 सप्ताह पूरे होने के बाद प्रकट होती है। यह स्थिति प्लेसेंटा में गड़बड़ी के कारण होती है, जो मां में सूजन संबंधी प्रतिक्रिया और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है।

उच्च रक्तचाप प्रीक्लेम्पसिया में आमतौर पर धीरे-धीरे बढ़ता है, जिसके कारण गर्भवती महिलाएं अक्सर इसे तब तक नहीं पहचान पातीं जब तक वे नियमित गर्भावस्था जांच में खुद की जांच नहीं करातीं। प्रीक्लेम्पसिया केवल रक्तचाप नहीं बढ़ाता, बल्कि गुर्दे, यकृत, फेफड़ों, मस्तिष्क और प्लेसेंटा जैसे महत्वपूर्ण अंगों के कार्य में भी बाधा डाल सकता है।

जानिए शुरुआती लक्षण

आरएस यूएनएस की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. हाफी नूरिनासारी, एसपी.ओजी. ने गर्भवती महिलाओं को कुछ ऐसे लक्षणों को पहचानने की चेतावनी दी है जो प्रीक्लेम्पसिया के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इनमें उच्च रक्तचाप, लगातार सिरदर्द या चक्कर आना, चेहरे, हाथों और पैरों में सूजन, धुंधली दृष्टि या दृष्टि संबंधी गड़बड़ी, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, तथा शरीर में कमजोरी महसूस होना शामिल है।

यदि उपरोक्त में से एक या अधिक लक्षण महसूस हों, तो गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत डॉक्टर या स्वास्थ्य सेवा सुविधा में जाकर जांच कराएं ताकि जल्द से जल्द जांच और उपचार मिल सके। लक्षण बिगड़ने का इंतजार न करें।

खतरा अगर देर से निपटा जाए

प्रीक्लेम्पसिया का तुरंत इलाज न किया जाए तो यह एक्लेम्पसिया में बदल सकता है, यानी गर्भवती महिला में दौरे की ऐसी स्थिति जो मां और भ्रूण दोनों की जान को खतरे में डाल सकती है। Data menunjukkan प्रीक्लेम्पसिया अभी भी Indonesia में मातृ मृत्यु का एक प्रमुख कारण है, जो कुल मातृ मृत्यु के लगभग 26,9% में योगदान देता है।

एक्लेम्पसिया के अलावा, गंभीर प्रीक्लेम्पसिया से लीवर की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी, ट्रोम्बोसाइट में कमी, फेफड़ों में तरल पदार्थ के कारण सांस लेने में तकलीफ, और गर्भ में शिशु तक रक्त के प्रवाह में बाधा जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, जो समय से पहले प्रसव का कारण बन सकती हैं।

जर्नलिस्टिक शैली में हिंदी अनुवाद: नियमित जांच से शुरुआती पहचान

गर्भावस्था की नियमित जांच (antenatal care/ANC) प्रीक्लेम्पसिया की शीघ्र पहचान की कुंजी है। नियमित रक्तचाप और मूत्र परीक्षण के माध्यम से, स्वास्थ्यकर्मी गंभीर जटिलताओं में बदलने से पहले शुरुआती संकेतों को पकड़ सकते हैं।

गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने, पर्याप्त आराम करने और डॉक्टर की सभी सलाहों का पालन करने की भी सलाह दी जाती है। यदि पहले की गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप या preeklamsia का इतिहास रहा है, तो गर्भावस्था की शुरुआत से ही डॉक्टर को इसकी जानकारी दें ताकि निगरानी और अधिक कड़ी की जा सके।