अचानक बारिश से मची भगदड़
भारत के पश्चिम बंगाल स्थित कोलकाता में शनिवार रात (17/10/2026) हिंदू त्योहार दुर्गा पूजा के दौरान मची भगदड़ में कम से कम 17 लोगों की जान चली गई और 25 अन्य घायल हो गए। यह हादसा उत्तरी कोलकाता के मुक्तारामबाबू स्ट्रीट स्थित चोरबागान सार्वजनिन सामुदायिक पंडाल में हुआ।
भारतीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, हंगामा रात के समय तब शुरू हुआ जब पंडाल के बाहर सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी और अचानक तेज बारिश होने लगी। उस दौरान आयोजकों द्वारा की गई घबराहट भरी घोषणा ने भीड़ के बीच अफरातफरी और बढ़ा दी।
पंडाल के बाहर इंतजार कर रहे लोग एक-दूसरे को धकेलने, खींचने और आगे बढ़ने लगे, जिससे कई लोग जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद स्थिति जानलेवा भगदड़ में तब्दील हो गई। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने आयोजकों की इस घबराहट भरी घोषणा को ही इस हृदयविदारक घटना की मुख्य वजह बताया।
17 मृतकों में 7 साल की बच्ची भी शामिल
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुष्टि की कि 17 लोगों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया, जबकि 25 अन्य घायल हैं। एक घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
मृतकों में सात साल की एक बच्ची भी शामिल है। अधिकारी के मुताबिक, शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है और अब तक छह शवों की पहचान की जा चुकी है।
अधिकारी तुरंत उस अस्पताल पहुंचे जहां घायलों का इलाज चल रहा है। उन्होंने कोलकाता पुलिस को पूजा आयोजकों और मौके पर तैनात निजी सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में लेने, एक जांच दल गठित करने तथा फोरेंसिक जांच कराने के निर्देश भी दिए।
मोदी ने मुआवजे का ऐलान किया, आयोजक हिरासत में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50,000 रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। मोदी ने कोलकाता की इस घटना को अत्यंत दुखद बताया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन मौतों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी शोक जताया। गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को दुर्गा पूजा से जुड़े अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए और कहा कि वह मुख्यमंत्री अधिकारी के साथ लगातार संपर्क में हैं।
भारत में धार्मिक उत्सवों सहित बड़े आयोजनों में इस तरह के हादसे पहले भी होते रहे हैं। भीड़ का लचर प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की अनदेखी ऐसे हादसों के प्रमुख कारण माने जाते हैं। पुलिस ने मीडिया और राजनीतिक हस्तियों से घटना स्थल पर मौजूद साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने की अपील की है।










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